अधिकार मिल कर ही रहेगा

गर बज गया है बिगुल संघर्ष का,

तो अधिकार मिलकर ही रहेगा ।

कोई न मुझको रोक सकेगा शक्ति से डरा धमका कर,

कदम न मेरे मोड़ सकेगा झूठे स्वप्न दिखाकर ।

अब तो दम लेंगे हम अपनी मंजिल पर ही जाकर,

ली है हमने शपथ संघर्ष का बिगुल बजाकर ॥

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